YOGA से कैसे करें THYROID पर कंट्रोल ?

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Thyroid

महिलाओं में Thyroid की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही  है. आज का लाइफस्टाइल और तनाव इसका सबसे बड़ा कारण है जिसकी वजह से Thyroid Gland प्रभावित हो रहा है. थायराइड शरीर का एक प्रमुख एंडोक्राइन ग्लैंड है जो तितली के आकार का होता है एवं गले में स्थित है. Thyroid Gland का काम थायरॉक्सिन हार्मोन बनाकर खून तक पहुंचाना होता है जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म नियंत्रित रहता है. इन्हीं हार्मोनों के अनियंत्रित हो जाने से Thyroid की बीमारी होती है .




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महिलाएं थायराइड की सबसे ज्यादा शिकार होती हैं.  स्थिति यह है कि हर दस थायराइड मरीजों में से आठ महिलाएं ही होती हैं. यह दो प्रकार का होता है और शरीर को इससे अलग-अलग तरह का नुकसान होता है.
 

हाइपोथायराइड – इस स्थिति में वजन अचानक बढ़  जाता है, सुस्ती महसूस होती है. शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम़जोर होने लगती है. पैरों में सूजन व ऐंठन की शिकायत होती है. ठंड बहुत महसूस होती है, पीरियड रेगुलर नहीं रहता या ज्यादा ब्लीडिंग होती है. त्वचा सूखी व बाल बेजान हो जाती है और पीडि़त व्यक्ति हमेशा डिप्रेशन में रहने लगता है. 

हायपरथायराइड –इस स्थिति में वजन अचानक कम होने लगता है लेकिन भूख बढ़ जाती है. रोगी को अत्यधिक पसीना आता है, मांसपेशियां कमजोर हो जाती है. नींद नहीं आने और धड़कने बढ़ने की शिकायत हो जाती है.




 

योग गुरु प्रमिला सिंह का मानना है कि योग के सहारे थायराइड ग्लैंड की प्रक्रिया सही रखी जा सकती है.

आइये जानें कौन कौन से आसन करने से Thyroid की समस्या से बचा जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि किसी विशेषज्ञ की निगरानी में ही आप इसे शुरु करें. 

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मत्स्यासन- पीठ के बल लेट कर अपने पैरों को आपस में जोड़ लें .अब दोनों हाथों को गर्दन के पास रखें और हथेलियों का सहारा लेते हुए गर्दन को उपर उठाने का प्रयास करें अब दोनों हाथों को जांघ पर रखें. इसे फिश योगा पोज के नाम से भी जाना जाता है .

विपरित करनी- इस आसन के लिए पीठ के बल लेट जाएं और दोनों हाथों और पैर को आपस में जोड़ लें. अब दोनों पैरों को धारे धीरे उपर उठाएं .पैर को 90 डिग्री तक ले जा कर रोक लें .अब दोनों हाथों को कमर पर रखकर पैरों को उपर उठाएं .ध्यान रहे कुहनियां जमीन पर होनी चाहिए और पैर सीधे . हथेलियों के सहारे कमर को उपर उठाने का प्रयास करें. फिर धीरे धीरे सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं .




नारी शोधन प्राणायाम – इस क्रिया में कमर और गर्दन सीधी करके बैठें फिर एक नाक से गहरी सांस लेना और दूसरी से निकालना होता है. यही क्रिया फिर दूसरी तरफ से दुहराएं .

उष्ट्रासन– घुटनों पर खड़े होकर पीठ को पीछे की ओर झुकाते हुए दोनों हाथों से एड़ियो को पकड़कर गर्दन पीछे की और झुकाएं और पेट आगे की तरफ उठाएं .

धनुरासन- पेट के बल लेटकर दोनों टखनों को पकड़ लें, फिर गर्दन, सिर ,छाती और घुटनों को उपर उठाकर 10-15 बार धीरे धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें .

 

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