भारत की FIRST WOMAN PHOTOJOURNALIST होमी व्यारावाला को गूगल ने कैसे किया याद?

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First Woman Photojournalist
Homai Vyarawalla ,First Woman Photojournalist

भारत की First Woman PhotoJournalist होमी व्यारावाला के 104 वें जन्म दिवस के अवसर पर गूगल ने उन्हें याद करके उनके सम्मान में डूडल बनाया है. गूगल ने उन्हें “First Lady Of The Lens” के तौर पर सम्मानित किया है. आज का गूगल डूडल मुंबई के कलाकार समीर कुलावूर ने बनाया है.




होमी व्यारावाला ने 1930 में फोटोग्राफी के क्षेत्र में तब प्रवेश किया उस वक्त कैमरा ही अपने आप में एक अजूबा माना जाता है. उस पर किसी महिला के हाथ में कैमरा देखकर लोग घोर हैरत से उन्हें देखते थे. एक महिला का इस क्षेत्र में प्रवेश करना बड़े अचरज की बात मानी जा रही थी. उन्होंने 1970 में पेशेवर फोटोग्राफी छोड़ दी.

पद्मविभूषण होमी का जन्म गुजरात के नवसारी में एक पारसी परिवार में हुआ था. उनके बचपन का अधिकांश हिस्सा पिता के साथ थिएटर कंपनियों में घूमने में बीता. बाद में उनका परिवार मुंबई में शिफ्ट हो गया.  जहां उन्होंने बंबई यूनिवर्सिटी और सर जे जे ऑफ आर्ट से पढ़ाई की.




एक दोस्त ने उन्हें फोटोग्राफी सिखाई और यहीं से उनके फोटोग्राफी का सफर शुरु हो गया. उनके फोटोग्राफी करियर में नया मोड़ तब आया जब उनकी शादी मानेकशॉ व्यारावाला से हुआ जो टाइम्स ऑफ इंडिया में एक अकाउंटेंट और फोटोग्राफर की नौकरी कर रहे थे.




धीरे-धीरे उनके काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. 1942 में वे ब्निटीश इंफॉर्मेशन सर्विस के साथ काम करने के लिए अपने परिवार के साथ दिल्ली शिफ्ट हो गईं. यहां उन्होंने कई ख्याति प्राप्त अंतरारष्ट्रीय नेताओं की तस्वीरें खींचीं. देश की आजादी के दौरान महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरु की तस्वीरें ली जिसे आज भी याद किया जाता है.

सिगरेट पीते हुए जवाहरलाल नेहरू और साथ ही भारत में तत्कालीन ब्रिटिश उच्चायुक्त की पत्नी सुश्री सिमोन की मदद करते हुए उनकी तस्वीर ने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री की एक अलग ही छवि दर्शाई. यह तस्वीर लेने का गौरव भारत की पहली और लंबे समय तक भारत की एकमात्र महिला फोटो रहीं होमी व्यारावाला को गया.

कहा जात है कि पंडित जवाहर लाल नेहरु फोटो के लिए उनके पसंदीदा क़िरदार थे. वे उनकी छवि और स्टाइल को फोटोग्राफर के लिए सबसे उपयुक्‍त मानती थीं. वह ब्‍लैक एण्‍ड वाईट माध्‍यम को वरियता देती थी. 15 जनवरी  2012 को वडोदरा में उन्होंने अंतिम सांस ली. गूगल ने इस साल बेगम अख्तर और अनुसूइया साराभाई के सम्मान में भी डूडल बनाया है.

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