VEDAS में महिलाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं तो अब क्यों है?

332
Naari in vedas

मनीषा गुप्ता:

हमारे समाज में एक वर्ग महिलाओं को निरीह समझता है. उनका मानना है कि वेदों मे भी नारी को सिर्फ़ भोग्या माना गया है पर ऐसे लोग जिन्होंने Vedas कभी ढ़ंग से पढा ही नही सिर्फ़ लकीर ही पीट रहे है. यह लोग ये बात क्यो नहीं समझते कि धरती भी एक मां है जिसने कितनी सहनशीलता के साथ पूरे  अपने सीने पर खेत, पहाड़ों, नदियों और मानव जीवन कि जरुरतों के प्रत्येक साधनों को समेटे है. ठीक उसी प्रकार एक स्त्री भी धरती मां के समान है जो पूरे परिवार को बांधे रखती है.




MUST READ: तुम ही WRONG हो क्योंकि तुम औरत हो

 

अकेली सब के सुख और दुखों को समेट लेती है. तभी तो हमारे पुराण और वेदों मे नारी को अत्यन्त महत्वपूर्ण, गरिमामय, उच्च स्थान प्राप्त है. वेदों मे स्त्रियों की शिक्षा–दीक्षा, शील, गुण, कर्तव्य, अधिकार और सामाजिक भूमिका का जो सुन्दर वर्णन पाया जाता है वो और किसी ग्रन्थ में नहीं. वेदों मे नारी को ज्ञान देने वाली, सुख-समृद्धि लाने वाली विशेष तेज वाली, देवी विदुषी सरस्वती, इन्द्राणी माना गया है. वेदों मे स्त्री पर कोई प्रतिबन्ध नही उसे सदा विजयिनी कहा गया है और उनके हर काम मे सहयोग और प्रोत्साहन कि बात कही गई है.




MUST READ: क्या आपको सचमुच लगता है स्त्रियां बस एक BODY है?

 

वैदिक काल मे नारी अध्यन-अध्यापन से लेकर रणक्षेत्र मे भी जाती थी. कन्या को अपना पति खुद चुनने का अधिकार देकर वेद पुरुष से एक कदम आगे ही रखते हैं, लेकिन कुछ ऐसे रीढ़ हड्डी विहीन बुद्धिवादियों ने इस देश कि सभ्यता संस्क्रति को नष्ट करने का जो अभियान चला रखा है –उसके तहत वेदों मे नारी कि अवमानना का ढोल पीट रहे हैं. अथर्ववेद  कहता है कि माता पिता अपनी कन्या को पति के घर जाते समय बुध्दिमत्ता और विद्याबल का उपहार दे, वह उसे ज्ञान का दहेज भेट करे न कि पैसों और रंग बिरंगे उपहार का दहेज.




एक विदुषी, विचारशील, प्रसन्नचित्त पत्नी संपत्ति कि रक्षा और वृद्धि करती है और घर मे सुख लाती है. एक स्त्री ही कुल कि रक्षा करने वाली होती है. एक स्त्री कभी कमजोर नही होती वो सुबह उठ सूर्य को नमस्कार कर खुद से कहती है….मै प्रतीक हूं, मै सबसे प्रमुख हूं. जिस प्रकार सूर्य का उदय हुआ है मेरा सौभाग्य भी उंचा हो, मै घर और समाज कि ध्वजा हूं, उस का मस्तक हूं, मैं नायक हूं और विजेता भी.

‘नारी तुम कमजोर नही, रत्नों कि खान हो तुम

उस ईश्वर कि कल्पना की अदभुत पहचान हो तुम’’

महिलाओं से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे… 

Facebook Comments