137 जवानों को कौन करेंगी कमांड?

47

Tanushree Pareek करेंगी सीमा की देखभाल

राजस्थान की Tanushree Pareek  बीएसएफ की पहली महिला फील्ड ऑफिसर (असिस्टेंट कमांडेंट) बन गई है. उन्होंने 25 मार्च को ग्वालियर में हुए दीक्षांत समारोह में पासिंग आउट परेड का नेतृत्व किया. इस परेड समारोह में उन्हें फील्ड कॉम्बेट ऑफिसर (युद्दक अधिकारी) की जिम्मेदारी दी गई. बीएसएफ के 51 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि लड़ाकू भूमिका के लिए कमीशन पाने वाली वह पहली भारतीय महिला है.




उन्हें पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनाती मिली है. वे 17 अप्रैल को 105 बटालियन फिरोजपुर सेक्टर हुसैनी वाला बॉर्डर में कमान संभाल लेंगी. उनके साथ यहां 137 जवान होंगे जिन्हें कमांड करने की जिम्मेदारी तनुश्री के ऊपर है.




 

तनुश्री का कहना है कि उन्हें बीएसएफ में आने की प्रेरणा बॉर्डर फिल्म की शूटिंग देखने के बाद मिली. जब वे चार साल की थीं बीकानेर फिल्म की शूटिंग देखने गई थीं और तभी से देश सेवा के लिए बीएसएफ में जाने का मन बना लिया था. उनका कहना है कि बीएसएफ में और भी लड़कियों को आना चाहिए. वे स्कूल के दौरान एसीसी कैडेट भी रह चुकी हैं.




राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली तनुश्री ने ग्वालियर के बीएसएफ अकादमी में 40वें बैच में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट 52 सप्ताह की कड़ी ट्रेनिंग ली है. ट्रेनिंग में जंगल से पहाड़ और रेगिस्तान में भी हर तरह की चुनौती का सामना करना सीखाया गया. इस दौरान भी उन्होंने हर कदम पर अपनी प्रतिभा साबित की और एक साल की कड़ी ट्रेनिंग के दौरान तीन गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए ट्राफी भी हासिल की.

परेड के दौरान उन्हें बेस्ट इन ड्रिल, ऑल राउंड बेस्ट ट्रेनी और एफएंडसी फ्रंटियर ट्रॉफी फॉर पब्लिक स्पीकिंग के लिए यह ट्राफी मिली. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने Tanushree Pareek के कंधे पर रैंक स्टार लगाकर उनकी जमकर तारीफ की. गृह मंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उम्मीद है कि और महिलाएं बीएसएफ से जुड़ेंगी. गौरतलब है कि बीएसएफ ने 2013 में पहली बार महिलाओं को शामिल करना शुरु किया था.

Facebook Comments