नहीं मानी सरकार, SANITARY NAPKIN नहीं हुआ TAX FREE

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प्रियंवदा सहाय:

आखिरकार मोदी सरकार ने महिलाओं की नहीं सुनी. सैनटरी नैपकीन को जीएसटी के दायरे से बाहर नहीं रखा गया और सरकार इस पर 12 फीसदी टैक्स वसूलेगी. सैनटरी नैपकीन को टैक्स फ्री करने के लिए महिला सांसदों से लेकर बॉलीवुड की हस्तियों तक ने सरकार से इस बात की गुजारिश की थी, लेकिन सरकार टस-मस से नहीं हुई. हालांकि कुछ महिला संगठन सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने कोतैयार है लेकिन सरकार ने अपने फैसले में किसी तरह के बदलाव करने से मना कर दिया है. एक अनुमान है कि टैक्स लगने के करण सैनटरी नैपकीन 70 फीसदी महिलाओं के पहुंच से बाहर है.

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वहीं सोने के गहनों पर तीन फीसदी जीएसटी लगने के कारण इसकी खरीदारी भी महंगी हो जाएगी. फिलहाल सोने के गहनों पर तमाम तरह के टैक्स को मिलाकर कुल 12.4 फीसदी कर लगता है, लेकिन जीएसटी के बाद 14 फीसदी कर का प्रावधान होगा. इसी तरह आज से जीएसटी लागू होने के बाद महिलाओं को जरुरत के दूसरे सामानों पर भी अधिक कीमत चुकाना होगा.

एक नज़र में देखते हैं कि महिलाओं के लिए क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?

सस्ता-

घरेलू चीजें जैसे टूथ पाउडर, टूथपेस्ट, हेयर ऑयल, साबुन, मेकअप का सामान, सनस्क्रीन, लोशन, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर कलर, डियोड्रेंट, मैनिक्योर, पैडिक्योर, शू पॉलिस, क्रीम.




खाने-पीने की चीजों में आइसक्रीम, बटर ऑयल, कंडेस्ट मिल्क, ब्रांडेड पनीर, छेना, कॉर्नप्लेक्स, नमकीन भुजिया, मिक्सचर, काजू, किशमिश, खजूर, अंजीर,  चॉकलेट, चायपत्ती, कॉफी, बच्चों का मिल्क फूड, बिस्किट, पास्ता, मुरब्बा, अचार और सॉस. इसके अलावा इमिटेशन ज्वैलरी, बिना सिले हुए कपड़े, फुटवेयर, इलेक्ट्रानिक्स और घर बनाने के कुछ सामान भी सस्ते हो गए हैं.

वहीं गेंहू, आंटा, चावल, मैदा, दाल, बेसन, ब्रेड, चूड़ा, मुरमुरे, सूजी, पापड़, ताजी फल-सब्जियां, नमक, दही, अंडे, मीट-मछली पर पहले भी टैक्स नहीं था और अब भी नहीं लगेगा. लेकिन ब्रांडेड अनाज, दाल, मैदा, आंटा बेसन पर 5फीसदी जीएसटी लगेगा.




महंगे-

इंस्टैंट कॉफी, चाय, आलू चिप्स, मिल्क पाउडर, छाछ, कोल्ड डिंक्स, लिक्विड सोप,  डिंटरजेंट, रेजर, नेल कटर, अगरबत्ती, फोटो फ्रेम, सीमेंट, टाइल्स, दवाएं महंगी होंगी.

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