अब आराम से कदम बढ़ाने में कोई परेशानी नहीं

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महिलाओं को महीने के उन दिनों (पीरियड्स) में परेशानियों और तेज बहाव को झेलना आसान नहीं होता. कई बार इसकी वजह से जरुरी काम को छोड़कर घर पर ही बैठना होता है. महिलाओं की इसी मुश्किल को दूर करने और उन्हें सहज महसूस कराने के लिए आईआईटी हैदरबाद के डिपार्टमेंट ऑफ कैमिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर चन्द्र शेखर शर्मा और उनकी टीम ने एक नायाब सैनेटरी नैपकिन तैयार किया है.

जिसमें रक्तस्त्राव को सोखने की क्षमता बाज़ार में उपलब्ध अन्य सैनेटरी नैपकिंस से अधिक है. यह नैपकीन जहां स्वास्थय के लिए सुरक्षित है वहीं पर्यावरण के लिए भी. पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए बगैर आसानी से खत्म किया जा सकता है. एक नए तरीके का सैनिटरी नैपकिन तैयार करने वाले रिसर्च टीम का दावा है कि बाज़ार में उपलब्ध ब्रांडेड सैनेटरी नैपकिंस की तुलना में नैनो फाइबर बेस्ड ‘सेलूलोज एसीटेट बायोपोलीमर’ से विकसित की गईं है.

जिसमें सुपर एब्जॉरमेंट पोलीमर्स का प्रयोग नहीं किया गया है.यह सैनेटरी नैपकिंस अधिक सुरक्षित और अधिक रक्त सोखने की क्षमता रखती हैं. प्रोफेसर चंद्रशेखर शर्मा का कहना है कि ब्रांडेड सैनेटरी नैपकिंस में सुपर एब्जॉरमेंट पोलीमर्स का प्रयोग किया जाता है जिसमें हानिकारक केमिकल्स मिले होते हैं. इससे महिलाओं को स्वास्थय संबंधी कई दिक्कतें हो सकती है.

बाज़ार में उपलब्ध माइक्रो साइज़ फाइबर वाली सैनेटरी नैपकिंस से नैनो फाइबर बेस्ड सैनेटरी नैपकिंस का सरफेस एरिया 4 से 8 गुना बड़ा है. इसकी तुलना में इस ईकोफ्रेंडली नैपकिन में एलेक्ट्रोस्पन नैनोफाइबर का प्रयोग किया गया है जो 70 प्रतिशत तक अधिक सोखने की क्षमता रखता है. नैनोफाइबर तकनीक से बने यह सैनेटरी नैपकिन माइक्रोफाइबर तकनीक से बने सैनेटरी नैपकिन की तुलना में अधिक आरामदायक भी हैं.

अब आराम से कदम बढ़ाए जा..

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