माटुंगा क्यों बना पहला ‘लेडीज स्पेशल’ Railway Station

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लेडीज कोच, लेडीज सीट तो आपने सुना था लेकिन क्या Ladies Special Railway Station के बारे में सुना है? मध्य रेलवे ने मुंबई के उपनगर माटुंगा को देश का पहला लेडीज स्पेशल स्टेशन बना दिया है. महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में मध्य रेलवे के इस प्रयास के कारण माटुंगा को देश का पहला लेडीज स्पेशल रेलवे स्टेशन होने का गौरव मिला है.




क्यों बना माटुंगा पहला अनोखा रेलवे स्टेशन?

स्टेशन पर 30 महिला कर्मचारियों की तैनाती की गई है.

इनमें 11 बुकिंग क्लर्क के पद पर हैं.

5 आरपीएफ कर्मी की ड्यूटी इसी स्टेशन पर लगाई गई है.




7 टिकट कलेक्टर भी इसी स्टेशन का जिम्मा दिया गया है.

ये सभी महिलाकर्मी स्टेशन प्रबंधक ममता कुलकर्णी की देखरेख में काम कर रही हैं

सभी महिलाएं मिलकर 24 घंटे चलने वाले रेलवे स्टेशन के परिचालन का कामकाज संभाल रही हैं.

लेडीज स्पेशल रेलवे स्टेशन बनाने के लिए पहले ही महिलाओं का माटुंगा ट्रांसफर किया गया.  

पहले लेडीज स्पेशल रेलवे स्टेशन की प्रबंधक होने का गौरव ममता कुलकर्णी को हासिल हुआ है.




इससे पहले उन्होंने जब 1992 में जब मध्य रेलवे में नौकरी शुरु की थी तब उन्हें मुंबई डिवीजन के किसी रेलवे स्टेशन की पहली महिला स्टेशन मास्टर होने का गौरव प्राप्त किया था.

ममता कुलकर्णी का कहना है कि सभी महिलाकर्मियों की तैनाती उन्हें शानदार और जादूई अनुभव दे रहा है.

रेलवे का कहना है कि यदि माटुंगा का यह प्रयोग सफल रहा तो दूसरे स्टेशनों पर भी ऐसी पहल की जाएगी.   

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