जामिया की छात्राओं ने इस अंदाज में बताया- ISLAM में औरतों पर नहीं है कोई पाबंदी

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जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित तालीमी मेले में डिपार्टमेंट ऑफ इस्लामिक स्टडीज की छात्राओं ने एक अनोखे अंदाज में बताया कि इस्लाम में औरतों पर कोई पाबंदी नहीं है. यूनिवर्सिटी  मेले में इस डिपार्टमेंट की स्टूडेंट्स ने स्टॉल लगाकर स्वतंत्रता संग्राम से लेकर शिक्षा और अर्थशास्त्र में मुस्लिम महिलाओं के योगदान के बारे में बताया. इस स्टॉल की थीम रखी गई थी-“Women in Islam”




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इस्लामिक स्टडीज से मास्टर्स करने वाली फिजाशाह ने वुमनिया को बताया कि मुस्लिम महिलाएं  किसी भी क्षेत्र में पीछे नही हैं. यह गलत धारणा है कि इस्लाम औरतों पर पाबंदी की पैरवी करता है, बल्कि हमें भी पुरुषों के बराबर ही अधिकार दिया गया है. यही वजह है कि अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शिक्षा, राजनीति और यहां तक कि आजादी की लड़ाई में कई मुस्लिम महिलाओं ने अपना योगदान दिया और वे हमारे लिए रोल मॉडल बनीं. 

फिजाशाह बताती हैं कि स्टॉल लगाने का हमारा मकसद यही थी कि हम लोगों को यह जानकारियां देकर उस धारणा को तोड़ कर सकें कि इस्लाम में औरतों को घर में कैद करके रखा जाता है.  




इस स्टॉल को लेकर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स और टीचर के अलावा कई बुद्धिजीवियों का भी डिपार्टमेंट को जबरदस्त रिस्पांस मिला. सबसे ज्यादा पंसद किए जाने वाले स्टॉल में यह भी शामिल रहा. मुसलमानों की सबसे बड़ी संस्था जमियत उलेमा-ए-हिंद के प्रेसिडेंट मौलाना अरशद मदनी भी यहां पहुंचे और उन्होंने इस स्टॉल पर लगे विभिन्न मुस्लिम महिलाओं के चित्र को देखकर समाज के विभिन्न क्षेत्र में दिए उनके योगदान को याद किया.

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डिपार्टमेंट के हेड डॉ मुहम्मद अरशद ने बताया कि यह गलत धारणा है कि इस्लाम में मुस्लिम महिलाओं को दबा कर रखा जाता है और हमारे स्टूडेंटस ने स्टॉल पर तथ्यों के साथ पूरी जानकारी दे कर यही बताने की कोशिश की है. वे कहते हैं  इस्लाम में औरतों को पढ़ने-लिखने से लेकर अपना करियर बनाने तक की आजादी दी गई है. 




वे कहते हैं कि आप हमारे डिपार्टमेंट में देख लीजिए यहां 50 फीसदी लड़िकयां है. वे सभी अलग-अलग पहनावे में आती हैं. यहां यदि टॉप जींस पहनकर भी लड़कियां पढ़ने आती हैं और हिजाब पहनकर भी. यह उनकी अपनी पसंद का विषय है. यदि कोई हिजाब पहन रहा है तो यह ऑप्शन है कि वह क्या पहनना चाहती है. 

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