क्या आपने चेक किया अपना BANK LOCKER ?

128
bank locker
bank locker

प्रियंवदा सहाय: 

कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश के मोदी नगर के एक Bank locker से करोड़ों की लूट ने सबको सकते में डाल दिया था. इस लूट में ग्राहकों के करोड़ों के गहने और रुपए- पैसों का भारी नुक़सान हुआ है, जिसकी भरपाई अब शायद ही हो सके. इसलिए लॉकर लेने से पहले या बैंक में मोटी रक़म जमा कराने से पहले आपको इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों की जानकारी ज़रूर रखनी चाहिए.




Bank locker के बारे में आपका ये जानना जरुरी है..  

1-बैंकों में लूट या बैंक के लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में आपके लॉकर और डिपाजिट सुरक्षित हो यह सुनिश्चित करना ज़रूरी होता है. इस बारे में काफ़ी कम लोगों को जानकारी होती है कि लॉकर में रखे चीज़ों की चोरी होने पर बैंक को इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है.

ग्राहक को ही इसका जोखिम उठाना होता है. लॉकर में रखे गए सामानों के लिए बैंक किसी भी सूरत में ज़िम्मेदार नहीं होता है. आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक़ लाकर से चोरी होने या किसी भी विपरीत परिस्थिति में बैंक को दोषी नहीं ठहराया जा सकता.




2-अगर लॉकर में रखी कोई वस्तु गुम जाए तो बैंक इसके लिए जिम्मेदारी स्वीकार करता है या नहीं वह आपके और बैंक के बीच हुए अनुबंध पर निर्भर करता है.

3-अगर आपको नुकसान बैंक की लापरवाही या उसके किसी कर्मचारी की धोखाधड़ी से हुआ है तो आप बैंक को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा सकते है लेकिन इसके लिए आपको कोर्ट की शरण में जाना पड़ेगा.




4-आपको यह भी जानना चाहिए कि बैंक के बंद हो जाने या घाटा हो जाने की स्थिति में bank locker में रखी संपत्ति को हाथ नहीं लगा सकते है पर आपकी लॉकर में रखी संपत्ति सुरक्षित रहती है.

5-लॉकर में रखे गए सामानों का ज़्यादातर बैंक बीमा मुहैया नहीं कराते हैं लेकिन अपवाद के तौर पर AXIS बैंक लाकर में रखे गहनों का बीमा कुछ नियम व शर्तों के साथ करता है.

आरबीआई मानता है कि बैंक से लाकर लेते समय बैंक और ग्राहक के बीच मालिक और किरायेदार जैसे संबंध देखे जाते हैं. बैंक किराये पर आपकी बहुमूल्य संपत्ति और काग़ज़ातों को रखने के लिए एक सुरक्षित जगह उपलब्ध कराता है, इससे ज़्यादा कुछ भी नहीं. बैंक में डाका पड़ने  भूकंप या ऐसी ही कोई प्राकृतिक आपदा, आगज़नी जैसी स्थिति में ग्राहक बैंक पर कोई आरोप नहीं लगा सकता और ना हीं एक भी रूपए के लिए कोई दावा ठोक सकता है.

हालांकि बैंक दो हालातों में आपको क्षतिपूर्ति दे सकते हैं.

1-यदि आप लॉकर में रखी चीज़ों का सबूत पेश कर सकते हैं जिससे यह साबित हो कि आपने जिन चीज़ों का नाम लिया है वाक़ई उसे ख़रीदा या कही से हासिल किया गया है और वही चीज़ें लाकर में रखी गई थी.

2-यह साबित किया जाए कि Bank locker के लिए बैंक की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी. हालांकि इन हालातों में भी ग्राहक को सौ फ़ीसदी वसूली नहीं हो सकती है.

महिलाओं से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करेंट्विटर पर फॉलो करे… Video देखने के लिए हमारे you tube channel को  subscribe करें

 

Facebook Comments