बुज़ुर्ग मम्मी-पापा विदेश जा सकें इसलिए, passport  अब सस्ते बनेंगें

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indian passport
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छवि त्यागी

अब passport हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में मिल सकेंगें . अभी तक passport सिर्फ़ अंग्रेज़ी भाषा में मिलते हैं.  भारत में पासपोर्ट एक्ट 1967 के पचास साल पूरे होने पर सरकार की ओर से एक डाक टिकट जारी किया गया है .सरकार का मानना है कि जब दुनिया के दूसरे देशों में पासपोर्ट में उनकी भाषा होती है तो फिर हमारे यहां अंग्रेज़ी के साथ हिन्दी क्यों नहीं हो.




इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पासपोर्ट को लेकर एक और बड़ा एलान किया कि अब 8 साल से कम उम्र के बच्चों और साठ साल से ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्गों के पासपोर्ट बनवाने की फ़ीस में दस फ़ीसद की छूट भी मिला करेंगी .सरकार का मानना है कि अब बच्चे विदेशों में ज़्यादा नौकरियां कर रहे हैं तो वे चाहते हैं कि उनके बुज़ुर्ग माता पिता बी कभी उनके पास आएं ,इसलिए बुज़ुर्गों के पासपोर्ट फीस में कमी की गई है.




पासपोर्ट विभाग ने अपनी तस्वीर बदलने के लिए कई कोशिशें की हैं . विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बताया कि महिलाओं के लिए खासतौर से दो बड़े बदलाव अब तक किए गए हैं ,पहला तलाकशुदा महिलाओं को अपने पासपोर्ट फार्म और पासपोर्ट में पूर्व पति का नाम लिखने की ज़रुरत नहीं है. सुषमा स्वराज ने कहाकि जब किन्ही भी वज़हों से पति को छोड़ दिया है ,तलाक हो गय़ा है तो फिर पुराने घाव कुरेदने की ज़रुरत क्या है , अब उन महिलाओं को पूर्व पति के बजाय माता –पिता में से किसी एक का नाम लिखना होगा .दूसरा बड़ा बदलाव सिंगल पेरेंट्स को लेकर किया गया है. जब पासपोर्ट एक्ट बना था तब सिंगल पेरेंट का प्रचलन नहीं था,लेकिन अब इनकी तादाद बढ़ रही है, इसलिए सिंगल पेरेंट्स को अपने बच्चों के लिए सिर्फ़ एक पेरेंट का नाम लिखना होगा.




पासपोर्ट्स मिलने में देरी को दूर करने के लिए भी मंत्रालय ने बड़ी कोशिश शुरु की है , दो साल पहले तक  देश भर में दहां सिर्फ 77 पासपोर्ट आफिस थे ,इनमें भी  नार्थ ईस्ट के आठ राज्यों में से सिर्फ दो में पासपोर्ट आफिस होते थे ,अब उनकी तादाद बढ़ाकर 251 कर दी गी है और पोस्ट आफिस के साथ मिल कर देश भर में हेड पोस्ट आफिसेज में –पोस्टआफिस पासपोर्ट केन्द्र खोले जाएंगें जिसका मतलब है कि आपके घर से कोई भी passport केन्द्र पचास किलोमीटर से ज़्यादा दूर नहीं होगा .

पासपोर्ट बनाए जाने में एक बड़ी दिक्कत पुलिस वेरीफिकेशन की होती थी जिससे passport बनने में काफी वक्त लगता था .अब इस शर्त को ख़त्म कर दिया गया है यानी आप अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर कार्ड के साथ अपनी तरफ से लिख कर दे सकते हैं कि आपके ख़िलाफ़ कोई आपराधिक मुकदमा नहीं है तो आपका पासपोर्ट पहले बन जाएगा और फिर पुलिस वेरीफिकेशन बाद में होगा .सूचना गलत पाए जाने पर पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है.

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