क्या कोई INDIAN MP संसद में BREASTFEED करा सकती हैं ?

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लेरिजा वाटर्स
लेरिजा वाटर्स

कविता सिंह:

ऑस्ट्रेलियाई सांसद लेरिजा वाटर्स ब्रेस्टफीडिंग कराते हुए प्रस्ताव पेश करने वाली पहली सांसद बन गई हैं. ऐसा कर उन्होंने इतिहास रच दिया है. ऑस्ट्रेलिया की ग्रीन पार्टी की मेम्बर लेरीजा को दरअसल कोयला खदान में काम करने वाले मजदूरों में होने वाली फेफड़ों की बीमारी से सम्बंधित एक प्रस्ताव पेश करना था. इसी दौरान उन्हें अपनी तीन महीने की बेटी आलिया को ब्रेस्टफीड भी कराना था. ऐसे में लेरिजा ने दोनों काम साथ-साथ किए. वह खड़े होकर प्रस्ताव पेश करने का भाषण भी देती रहीं और आलिया को ब्रेस्टफीड भी कराती रहीं. 




ऐसा करते हुए उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है साथ ही कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें संसद में मौजूद बाकी मेम्बर्स उनकी बेटी के साथ खेलते हुए दिख रहे हैं. 

 

संसद में पहले भी करा चुकी हैं ब्रेस्टफीडिंग

इसी साल मई में लेरिजा वाटर्स संसद में ब्रेस्टफीडिंग कराने की वजह से सुर्ख़ियों में आ चुकी हैं. दरअसल बेटी के जन्म के केवल दस हफ्ते बाद ही लेरिजा काम पर लौट आई थीं. संसद लौटने पर उन्होंने बेटी को वहीं ब्रेस्टफीडिंग कराई थी और उसकी तस्वीर ट्विटर पर शेयर कर चर्चा में आ गई थीं. 




लेरिजा वाटर्स ने लड़ी लड़ाई

फरवरी 2016  से पहले तक ऑस्ट्रेलिया संसद में बच्चों को ले जाने की अनुमति नहीं थी. चाहे महिला हो या पुरुष, वह ऐसा नहीं कर सकते थे लेकिन नियम बदले गए और फिर फरवरी 2016  के बाद से इसकी अनुमति दे दी गई. इस नियम में महिलाएं कार्यस्थल पर बच्चों को ब्रेस्टफीडिंग भी करा सकती हैं और ऐसा करने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता है. लेरिजा ने ही इस नियम को बनाने की मांग की थी. उस वक्त लेरिजा ने कहा था ‘अगर हम संसद में और युवा महिलाएं चाहते हैं तो हमें नियम और उदार बनाने चाहिए, ताकि हाल ही में बच्चों को जन्म देने वाली मां और पिता सांसद बच्चों की परवरिश की अपनी भूमिका में और सामंजस्य बना सकें.’

 




 ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मांओं को एक प्रॉक्सी वोट दिया गया था. इसके बाद ऑस्ट्रेलियन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने भी इस कानून को अनुमति दे दी थी. इसपर लेरिजा वाटर्स की सहयोगी सांसद कैटी गालाघर ने कहा था, ‘ये ऐसा पल है जिसके लिए हमें लेरिजा को धन्यवाद देना चाहिए. ऐसा दुनिया के सभी देशों की महिलाएं संसद में कर सकती हैं. इस पल को संसद में देखकर काफी अच्छा लगा. इससे महिलाएं अपने बच्चे को जॉब के दौरान अपने साथ ले जाने और वहां उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित होंगी.’

आपको बता दें कि पहली बार इसी तरह का कानून पिछले साल आइसलैंड की संसद ने भी बनाया था. यहां महिला सांसद उन्नूर ब्रा कोनाराओस्दोत्तिर ने अपनी छह हफ्ते की बेटी को संसद में स्पीच के दौरान ब्रेस्टफीड कराया था. इसके अलावा संसद में स्तनपान कराने का नियम स्पेन और यूरोपियन पार्लियामेंट में पहले से ही है.

 

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