POOJA THAKUR के लिए कैसे खुला स्थायी कमिशन का रास्ता?

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Puja Thakur with Former President of USA Barack Obama
Puja Thakur with Former President of USA Barack Obama

इंडियन एयरफोर्स में विंग कमांडर पूजा ठाकुर फिर से उड़ान भर सकेंगी. मिलिट्री कोर्ट ने Air Force को अपने फैसले में आदेश दिया है कि वह पूजा ठाकुर को स्थायी कमीशन में फिर से शामिल कर ले .

विंग कमाडंर पूजा ठाकुर उस वक्त सुर्खियों में आई थीं जब उन्हें Women Power के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की 2015 में हुई भारत यात्रा के दौरान गार्ड ऑफ ऑऩर को लीड करने के लिए कहा था. भारत ने इसे स्त्री शक्ति के तौर पर अमेरिका के सामने पेश किया था. पूजा ठाकुर ये सम्मान हासिल करने वाली पहली महिला ऑफिसर थीं.




आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल के मुखिया जस्टिस वी के शाली ने कहा है कि एयर पोर्स उन्हें सभी ज़रुरी मानकों को ध्यान में रखते हुए खाली पद पर फिर से स्थायी कमीशन में शामिल करें. कोर्ट ने इस बात पर नोटिस लिया कि एयर फोर्स ने पूजा ठाकुर के मामले को सवंदेनशीलता से लेने के बजाय उनकी याचिका का यानी उन्हें स्थायी कमीशन में रखने का विरोध किया था. कोर्ट ने कहा कि पूजा ठाकुर की याचिका का पांच सीनियर आफिसर विरोध कर रहे थे इससे लगता था कि पुरुष अफसर एक महिला अधिकारी को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं .




कोर्ट ने ये भी कहा है कि किसी महिला आफिसर को स्थायी कमीशन में शामिल करते वक्त भी उसके महिला होने को थोड़ा ध्यान रखा जाना चाहिए ना कि सिर्फ एक कर्मचारी की तरह उससे बर्ताव किया जाए. स्थायी कमीशन में शामिल होने का मतलब है कि वे अब लेफ्टिनेंट जनरल रैंक तक पहुंच सकती हैं और उनके रिटायर होने की उम्र पुरुष अफसरों की तरह अब 60 साल होगी. उन्हें पुरुषों को मिलने वाले सभी लाभ भी मिलेंगें.




हालांकि अदालत ने पूजा ठाकुर को दिल्ली में ही रखे जाने की मांग पर कहा कि यह फैसला एयरफोर्स को करना है कि वे उनका कहां बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं. पूजा ठाकुर को स्थायी कमीशन मिलना महिला अफसरों के लिए एयर फोर्स में ऊंची उड़ान का एक बड़ा मौका साबित होगी.

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