हरियाणा में क्यों मिलेगी लड़कियों को 45 दिन की छुट्टी?

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45 days maternity leave by haryana government
maternity leave

छवि त्यागी:

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार ने एक और अहम पहल की है .अब सरकार ने कालेज और यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाली शादीशुदा लड़कियों को प्रेगनेंसी होने पर 45 दिनों की maternity leave देने का फैसला किया है. वे इसके लिए एक सेमेस्टर को छोड़ भी सकती हैं और एक साथ 45 दिन की maternity leave उन्हें मिल सकेगी .




हरियाणा में हिसार की गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ सांइस एंड टेक्नोलोजी  ने यह योजना पिछले साल जनवरी में अपने यहां लागू की थी. अब हरियाणा सरकार ने इसे अपने प्रदेश के सभी कालेजों और यूनिवर्सिटी में लागू करने का फ़ैसला कर लिया है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस पर अपनी मंज़ूरी दे दी है .




शादीशुदा लड़कियों को maternity leave के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा और अपने विभाग प्रमुख या कालेज के प्रिसिंपल से इजाज़त लेनी होगी. इसके साथ ही इम्तिहान में शामिल होने के लिए उन्हें एक्स्ट्रा क्लास में मौजूद रह कर अपनी अटेंडेंस पूरी करनी होगी.




हरियाणा एक ज़माने तक लड़कियों को गर्भ में ही मारे जाने को लेकर बदनाम रहा है. यहां कुछ इलाकों में बनी खाप पंचायतें भी लड़कियों के ख़िलाफ फरमान जारी करती रहती हैं, लेकिन इसी राज्य में बेटियों के प्रति अब सोच में थोड़ा-थोड़ा बदलाव दिख रहा है. एक गांव में लोगों ने अपने घरों के बार अपनी बेटियों की नेमप्लेट भी लगवा रखी है यानी उनके घर की पहचान उनकी बेटियों से होती है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में हरियाणा सरकार के इस फ़ैसले से ज़ाहिर तौर पर मदद मिलेगी . वक्त है कि दूसरी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकारों को भी इस मसले पर आगे आना चाहिए, क्योंकि पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया.

 

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