पहली बार कैसे अकेले HAJ पर जाएंगी 1,308 मुस्लिम महिलाएं

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Haj
first time muslim women will travel for haj without male guardian( Representational Image)

इस साल पहली बार ऐसा होगा कि मुस्लिम महिलाएं अकेले ही Haj (हज) यात्रा पर जाएंगी. देश से पहली बार 1,308 महिलाएं बिना ‘महरम’ यानी पुरुष अभिभावक के Haj यात्रा करने के लिए निकलेंगीं.

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस साल महिलाएं मेहरम के बिना हज करेंगी. उन्होंने बताया कि इन महिलाओं को लॉटरी सिस्टम से छूट दी गई है. हज समिति के जरिए इस साल 1,28, 002 हजयात्री जा रहे हैं. इनमें 47फीसदी महिलाएं है. 47 हजार यात्री निजी तौर पर जा रहे हैं.




Triple Talaq मामले में राहत देने के बाद मोदी सरकार ने पिछले साल मुस्लिम महिलाओं को यह नायाब तोहफा दिया. सरकार ने नई हज नीति बनाते हुए मुस्लिम महिलाओं को अकेले हज यात्रा पर जाने की इजाजत दे दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2017 में हर महीने रेडियो पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस नई नीति के बारे में घोषणा की थी. सरकार की इस नीति से मुस्लिम महिलाएं काफी खुश बताई जा रही हैं.




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अब तक मुस्लिम महिलाएं ब्लड रिलेशन वाले रिलेटिव के बिना हज पर नहीं जा सकती थी. इस नियम में बदलाव करते हुए 45 साल की उम्र पार कर चुकी महिलाओं को चार या उससे अधिक के ग्रुप में हज यात्रा पर जाने की छूट दी गई है. इसके लिए उन्हें किसी मेहरम के साथ की जरुरत नहीं होगी.




हालांकि सरकार के इस फैसले का अब विरोध भी किया गया. देवबंद के उलेमाओं ने कहा कि इस्लाम में मुस्लिम महिलाओं का अकेले सफर करना चाहे वह हज हो या आम सफर इसकी इजाजत नहीं दी गई है. उलेमाओं ने यह तर्क दिया कि मुस्लिम महिला का अकेले हज पर जाना शरीयत के अनुसार नजायज है.

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