फणीश्वरनाथ रेणु की एक और कहानी पर बनी फिल्म ‘PANCHLAIT’ से कल्पना झा ने बॉलीवुड में रखा कदम  

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Panchlait

जूली जयश्री:

हिंदी के कालजयी कथाकाकर फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पर बनी फिल्म ‘तीसरी कसम’ के बाद उनकी एक और कहानी पर नई फिल्म Panchlait  बनकर तैयार है.  मशहूर थियेटर कलाकार और कवियित्री कल्पना झा Panchlait के जरिये Bollywood में एंट्री करने जा रही हैं. यह फिल्म 17 नवंबर को रिलीज हो रही है.




इस फिल्म को लेकर कल्पना काफी एक्साइटेड हैं. कल्पना ने ‘वुमनिया’ के जरिए इस फिल्म की कहानी और दर्शकों से उम्मीद को लेकर अपने विचार साझा किए. उनका मानना है कि फिल्मों में साहित्य का प्रयोग हमेशा प्रभावी रहा है .हर दौर में साहित्य को सिनेमा के पर्दे पर उतारने का प्रयोग हुआ है और इसे दर्शकों का भरपूर प्यार भी मिला है. मुझे भरोसा है पंचलैट भी लोगों की उम्मीद पर खड़ा उतरेगा.




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‘पंचलैट’ के जरिए फणीश्वरनाथ रेणु की रचना को हिन्दी सिनेमा के रुपहले पर्दे पर उतारने का काम किया है निर्देशक प्रेम मोदी ने. कहानी का तानाबाना मुनरी और गोधन के प्रेम संबंध, सामाजिक वर्जनाएं और गांव के स्वाभिमान को लेकर बुना गया है .

गोधन को अपने प्रेम संबंध के कारण गांव से बहिष्कृत कर दिया गया है. एक बार गांव के लोग पंचलैट (पेट्रोमेक्स ) खरीद लाते हैं, लेकिन वो किसी को भी जलाना नहीं आता. पंचलैट नहीं जलने की स्थिति में आस पास के गांव में बेइज्जती हो सकती है.




इस क्रम में हास्य की पूरी स्थिति बन जाती है. दूसरे गांव वाले परिहास करते हैं. तब मुनरी गांव वालों को बताती है कि उसके प्रेमी गोधन को पंचलैट जलाना आता है, तब गांव वाले बेइज्जती से बचने और गांव की स्वाभिमान की रक्षा के लिए गोधन से पंचलैट जलवाते हैं और दोनों को माफ कर दिया जाता है.

 

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कल्पना बताती हैं कि  बिहार के गांव पर आधारित इस फिल्म में आंचलिकता को बड़े ही खूबसूरती से बरकरार रखा गया है जो दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव होगा. मसाला फिल्मों के दौर में कोर साहित्यिक विषय पर फिल्म बनाना बहुत ही साहसिक कदम है .

वे मानती हैं कि कम बजट की फिल्म होकर भी इसका काम उम्दा है. इसके सभी कलाकार थियेटर के मंझे हुए लोग हैं जो मौलिकता को बरकरार रखते हुए कहानी में जान डालने का हुनर बखूबी जानते हैं. ऐसे में इस फिल्म को देखना कला प्रेमियों के लिए बहुत ही रोचक होगा .

इस फिल्म में यशपाल शर्मा, अमितोष नागपाल, राजेश शर्मा, प्रणय नारायण, इकबाल सुलतान, रवि झांकल, ललित परीमू, अनुराधा मुखर्जी, अरूप जागीरदार, कल्पना झा, पुनीत तिवारी, मालिनी सेनगुप्ता और पुण्यदर्शन गुप्ता महत्वपूर्ण भूमिका में है.

 

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