क्यों PARENTS से दूर हो रहें हैं बच्चे ?

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Kids annoyed with parents

एक दो साल की बच्ची का विडियो कई दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. विडियो में एक बच्चे को उसकी मां जबरदस्ती मार-मार कर पढा रही है. बच्ची तनाव, गुस्सा और आग्रह दोनों ही दिखा कर मां से छोड़ देने को कह रही है लेकिन मां बच्चे की मनोदशा नहीं देख पा रही है. वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के वैशाली में रहने वाले दो सगे भाई बहन एग्जाम में कम नंबर आने पर मार खाने के डर से घर से भाग गए .ये दो उदाहरण हैं जो बता रहे हैं कि किस तरह बच्चे अपने Parents से दूर होते जा रहे हैं .




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ये दोनों ही घटना पढाई को लेकर बच्चों पर बढ रहे दबाव को दिखा रहा है . दबाव का सामना कर रहे बच्चे कोई भी खतरनाक कदम उठा लेते हैं . फिर हमारे पास सिवाय हाथ मलने और अफसोस जताने के कुछ बाकी नहीं रह जाता है इसलिए जरुरी है कि समय पर अलर्ट हुआ जाए




पढाई को लेकर संकुचित हो रही मानसिकता “अव्वल आने” का दवाब और परवरिश का तरीका इन सब मुद्दे को लेकर हमने साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर नीलम सक्सेना बात की. उन्होंने कहा कि सबसे पहले परवरिश को लेकर कहा कि माता पिता और बच्चे के बीच का जो संबंध है वो हर हाल में सहज रहना चाहिए ताकि बच्चों को अपना डर ,इच्छा ,अनिच्छा सब कुछ बताने की स्वतंत्रता हो . कुछ अपेक्षा करने से पहले हमें अपने बच्चों की प्रकृति और प्रवृति समझना भी बहुत जरुरी है.




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डॉ. नीलम ने बच्चों की पढाई पर बढ़ रहे दवाब पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि स्थिति अफसोसजनक है. हमारे पास कई ऐसे केस आते हैं जहां पढाई का दवाब बढने से बच्चे डिप्रेशन में चले जाते हैं या क्रिमिनल एक्टिविटी अपनाने लगते हैं उन्होंने कहा कि जरुरी नहीं है कि हर बच्चा पढाई में आगे ही रहे या हमेशा क्लास में फर्स्ट आने वाला बच्चा ही जीवन में सफल हो .हर किसी का अपनी क्षमता और अलग जिज्ञासा हो सकती है . आज बहुत जरुरी हो गया है कि माता पिता अपने बच्चों को समझें और उसे उसकी इंट्रेस्ट के क्षेत्र में ही प्रोत्साहित करें .

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