PERIOD में टीनएज बेटी कैसे रहे HEALTHY?

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निवेदिता:

क्या आप भी एक Teenage बेटी की मां है? क्या आपको भी इस बात की चिंता है कि बेटी को Period शुरु होगा तो आप कैसे हैंडल करेंगी, कैसे रखेंगी बेटी को Healthy?

टीनएज में लड़कियां दुबली दिखने के लिए खाने-पीने पर बहुत कंट्रोल कर लेती हैं जिसका असर उनके हेल्थ पर पड़ता है. वहीं पीरियड को लेकर उनके मन में एक अंजान भय बैठ जाता है कि कहीं उनसे कोई ग़लती तो नहीं हो गई. एक्सपर्ट की मदद से हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसे टिप्स जो न केवल टीनएज लड़कियों में पीरियड को लेकर होने वाले समस्याओं से निबटने में आपकी मदद करेगा बल्कि आपकी बेटी को भी इससे बहुत जानकारियां मिलेगी. यह टिप्स आपकी इस बात में सहायता करेगा कि आपको अपनी बेटी का ख्याल कैसे रखना है?




सबसे पहले बेटी को इस बात के लिए तैयार करें कि पीरियड आना एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है. इसमें असमान्य कुछ भी नहीं है. पीरियड आने का मतलब है कि वह शारीरिक रुप से हेल्थी है.

पीरियड आने से पहले टीनएज लड़कियों में ब्रेस्ट का विकास होता है, जिसमें दर्द होना भी स्वाभाविक है. इसलिए उन्हें समझाएं कि इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं.

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टीनएज बेटियों को यह भी बताएं कि पीरियड की वजह से शरीर को जरुरी हारमोन्स और रसायन मिलते हैं, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है.

उसे समझाएं कि पीरियड हर महीने आएगा और इसमें नॉर्मली लेना है. 

पैड इस्तेमाल करने का तरीका बताएं, यह भी बताएं कि उसे समय-समय पर चेंज करें वरना इससे रैशेज पड़ने और इंफेक्शन होने का डर रहता है.

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बेटियों के स्कूल बैग में हमेशा एक किट तैयार रखें. किट में साफ पैंटी, दो-चार पैड और कोई ऐसी क्रीम जिससे कि रैशेज में लगाया जा सके. यह किट तैयार रहेगी कि तो स्कूल में अचानक पीरियड होने पर बेटी खुद के साथ-साथ अपनी सहेलियों की भी मदद कर सकती है.   




शुरुआत में पीरियड रेगुलर नहीं भी हो सकता है, कभी जल्दी या कभी देर से भी आ सकता है. इसमें घबराने की बात नहीं है. यदि ज्यादा देरी महसूस हो तो डॉक्टर को दिखा सकती हैं. समय के साथ पीरियड रेगुलर हो जाता है.

हारमोनल चेंजेंज की वजह से इस समय मूड स्विंग्स की सबसे बड़ी समस्या होती है. चिड़चिड़ाहट महसूस करना, गुस्सा आना या उदासी महसूस करना. इसके लिए लाइफ स्टाइल और खानपान पर ध्यान देने की जरुरत है.

यदि पेट और कमर में तेज दर्द महसूस हो तो गर्म पानी के बैग से सिंकाई करें.

इस दौरान एक्सरसाइज और योग भी किया जा सकता है.




बेटी को सहेलियों के साथ खेलने और पार्क में घूमने के लिए भेजें. मनपसंद संगीत सुनने और डांस करने को भी कह सकती हैं. यह उसका मन खुश रखेगा.

इस दौरान वजन बढ़ सकता है. पेट थोड़ा सा बाहर आ जाता है, लेकिन उसे बताएं कि पीरियड खत्म होने के बाद यह सामान्य हो जाएगा.

इस दौरान मीठा खाने का मन हो सकता है, लेकिन कोशिश करें कि ताजा फल और घर का बना खाना ही दें. खाना हल्का और थोड़े-थोड़े समय पर दें.

इस समय बेटी को चाय-कॉफी से परहेज करने को कहें. इसकी जगह जूस, छाछ, लस्सी और दूध दें.

 

 

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