BREASTFEEDING के वो फायदे जो जानना जरुरी है

2994
breastfeeding
breastfeeding

प्रियंवदा सहाय:

Breastfeeding कराना मां और बच्चा दोनों के लिए वरदान है. जन्म के साथ साथ बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराना केवल पारंपरिक नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है. डॉक्टरों की एकमत राय में बच्चों के सर्वांगीण विकास, पोषण और कई बीमारियों से बचाव के लिए एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग जरुरी है. कम से कम छह महीने तक बच्चे को केवल breastfeeding पर रखना सबसे अच्छा होता है. यानी इस दौरान बच्चे को ठोस आहार, ऊपरी दूध या पानी देने की जरुरत नहीं होती. यह मां और बच्चे के भावनात्मक बंधन में भी महत्वपूर्ण है. वहीं मां और बच्चे के जरुरत से ज्यादा वजन और इससे होने वाले ख़तरों से बचाता है और उन्हें स्वस्थ रखने में भी कारगर है.

पीडियाट्रिक डा सुमिता चावला का कहना है कि breastfeeding से बच्चों में सडेन इंफेंट डेथ यानी  आक्समिक मौत की आशंका काफी कम होती है. यह मां के स्ट्रेस लेवल को कम करने और पोस्ट डिलिवरी डिप्रेशन से भी बचाव करता है. ब्रेस्टफीडिंग से निकलने वाले ऑक्सीटाक्सीन मां को काफी हद तक आराम भी पहुंचाता है. यह कई तरह के तनाव को भी दूर करने में भी कारगर है.

एक अध्ययन के मुताबिक ब्रेस्टफीडिंग करने वाले बच्चों के 28 दिन से एक वर्ष के बीच होने वाली बीमारियों से मरने का ख़तरा 2- फीसदी तक कम होता है. डॉ चावला बताती हैं कि बच्चे के जन्म के बाद  मां के ब्रेस्ट से निकलने वाले पहला गाढ़ा पीला दूध यानी कोलेस्ट्रोम बच्चों के रोग प्रतिरोधक क्षमता के यानी कोलेस्ट्रोम बच्चों के लिए बहुत जरुरी है. इससे बच्चों का कई तरह की बीमारियो से बचाव हो पाता है. यह उनके मानसिक विकास के भी जरुरी है.

वहीं जन्मजात बच्चे को पहले breastfeedingकराते समय निकलने वाले ऑक्सीटाक्सिन के कारण मां को खून की कमी से निपटने में भी मदद मिलती है.

ब्रेस्टफीडिंग कराने से माता के गर्भाशय को जल्द ही पूर्व अवस्था में आने में भी मदद मिलती है. मां को यूटरस या ब्रेस्ट कैंसर का खतरा नहीं होता. यह महिलाओं के वजन कम करने में भी मददगार साबित होता है.

एक स्टडी के मुताबिक जो महिलाएं छह महीने तक बच्चे को रेगुलर ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं उनमें एंडोमेट्रियल कैंसर यानी यूटरस में होने वाले एक प्रकार का कैंसर होने की आशंका breastfeeding नहीं कराने वाली महिलाओं के अपेक्षा 11 फीसदी कम हो जाती है. इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के अनुसार एंडोमेट्रियल कैंसर अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे अधिक आय वाले देशों में भी आम हो चुका है. यहां की महिलाओं में पाए जाने वाला यह चौथा सबसे आम कैंसर है.

बच्चे की मजबूती और शारीरिक और मानसिक विकास में मां का दूध अतुलनीय है. डायबिटीज ह्रदय रोग और गंभीर बीमारी से जच्चा बच्चा को बचाने में भी ब्रेस्टफीडिंग का महत्वपूर्ण योगदान है.

ब्रेस्टफीडिंग बच्चों में निमोनिया, डायरिया, सर्दी, जुकाम, और मौसम से जुड़ी बीमारियों से लड़ने में भी काफी मददगार होता है.

इससे बच्चों का शारीरिक विकास तेजी से और संपूर्ण होता है. यह बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है.

 

 

Facebook Comments