ग्लोबल सर्वे में महिलाओं पर SEXUAL VIOLENCE के मामले में दिल्ली सबसे खराब शहर

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women protesting
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दिसंबर 2012 में चलती बस में एक मेडिकल की छात्रा के साथ हुए गैंग रेप के पांच साल बाद भी मानों दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से कुछ बदला नहीं है. यही वजह है कि दिल्ली को ब्राजील के शहर साउ पाउलो के समान महिलाओं पर होने वाले Sexual Violence के लिए दुनिया के सबसे खराब महानगरों में माना गया है. Thomson Reuters Foundation के एक सर्वे में यह बात सामने आई है. 




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यह सर्वे दुनिया के 19 महानगरों में किया गया. दिल्ली को अभी भी रेप कैपिटल के तौर पर जाना जाता है. निर्भया कांड बाद मीडिया रिपोर्टिंग ने दुनिया भर का ध्यान इस ओर खींचा और दिल्ली में महिलाओं पर होने वाले सेक्सुअल वायलंस के ऊपर बात की गई.




महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानून को सख्त किया गया, वुमन हेल्पलाइन बनाया गया, पुलिस को संवेदनशील बनाने की ट्रेनिंग दी गई, बावजूद  प्रशासन और पुलिस के दावों के बाद भी महिलाओं के लिए दिल्ली असुरक्षित ही रही. इस घटना के बाद भी कुछ नहीं बदला.

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दिल्ली की मीडिया ने कभी स्कूल में बच्चियों के साथ होने वाले रेप, तो कभी टैक्सी में युवती के साथ होने वाली रेप की घटना को रिपोर्ट किया तो कभी लड़िकयों को रेड लाइट एरिया में बेचे जाने की घटनाओं को. एक आंकड़ें के मुताबिक 2016 में दिल्ली में रेप के 2,155 रेप के मामले दर्ज किए गए जो कि 2012 के मुकाबले 67फीसदी ज्यादा था. 




ब्राजील के साउ पाउलो का भी लगभग यही हाल है. वहां के हालात के भी इस शहर को महिलाओं के लिए असुरक्षित बनाते हैं. वहां महिलाओं के साथ सेक्सुअल वायलंस की खूब घटनाएं अक्सर होती रहती है. सितंबर महीने में ही ब्राजील की महिलाओं ने सोशल मीडिया के जरिए न्याय की मांग की. बसों में होने वाले सेक्सुअल वायलंस के आरोपियों के सबूतों के अभाव में छूट जाने पर इन महिलाओं ने अपना गुस्सा निकाला.