बच्चों को HOSTEL भेजने की तैयारी है, तो ध्यान रखें ये 5 खास बातें

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Hostel

जूली जयश्री:

12th का रिजल्ट आने वाला है. ये वो फेज है जब पैरेंट्स से लेकर बच्चे सब अनेक तरह की मनोदशा से गुजर रहे हैं. एक तरफ रिजल्ट को की चिंता है तो दूसरी तरफ आगे की पढाई का एक्साइटमेंट. ज्यादातर बच्चे 12th के बाद कॉलेज की पढाई के लिए घर से दूर Hostel की तैयारी में होंगे.




अब तक अपने छांव में रखने वाले बच्चे को खुद से दूर करना जितना आपके लिए मुश्किल है बच्चों के लिए भी ये काम उतना ही दुरुह है. अब तक आपने बच्चों की जिम्मेदारी बखूबी निभायी अब जरुरी है कि बच्चे को बाहर भेजने से पहले जिम्मेदार बनाएं और उन्हें पूरी तैयारी के साथ ही घर से भेजें.

सोशियोलॉजिस्ट और सीनियर काउंसलर डॉ. नीलम सक्सेना कहती हैं कि अमूमन हम बच्चों को पहली बार घर से बाहर भेजते समय भावनात्मक पहलुओं पर ज्यादा ध्यान देते हैं. जबकि रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाली छोटी-छोटी आवश्यकताओं से रुबरु कराना और उनकी सेहत संबंधी बातों का ख्याल रखना भूल जाते हैं.




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देखा गया है कि 16- 17 साल के ये बच्चे जब घर से बाहर जाते हैं तो खान पान से लेकर परिवेश के बदलाव को सही से झेल नहीं पाते हैं ,फिर वो मानसिक या शारिरीक रुप से बीमार रहने लगते हैं . इसका असर उनकी पढाई पर भी पड़ने लगता है . इसलिए बच्चे को पढाई के लिए दूर भेजने से पहले उसकी उचित ट्रेनिंग भी जरुरी है.

जूली जयश्री

Hostel भेजने से पहले किन बातों का रखें ख्याल –

1-बच्चों को हॉस्टल जाने से पहले उनका Full Body Checkup करा कर एक फाइल बनाकर अपने पास रख लेना चाहिए. बच्चों के पास भी उनके हेल्थ से रिलेटेड सभी बातों का पता हो ताकि जरुरत पड़ने पर तत्काल कोई समस्या न हो.

2-कपड़ों को लेकर भी बच्चों को उचित गाइडेंस दे दें. अक्सर होता है कि बच्चे रहन-सहन और पहनावे से एक दूसरे को जज करना शुरु कर देते हैं और उनके अंदर दिखावा करने की प्रवृति पनपने लगती है.




3-रुममेट्स या दोस्तों के साथ कैसे तालमेल बनाकर चलें इस बात को लेकर भी समझाएं बाहर के असुरक्षित माहौल से बच कर रहने के गुण सिखाएं.

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4- बैंक, कुरियर, टिकट, ट्रेवल, एटीएम जैसे कई काम ऐसे होते हैं जिसे अब तक उन्होंने न किया हो. अलग रहने के बाद उन्हें ये सब खुद संभालना होगा. जरुरी है कि इसकी ट्रेनिंग आप पहले ही दे दें.

5-लोकल स्तर के कुछ लोगों के संपर्क नंबर, सुरक्षा या सुविधा के लिए जरुरी नंबर रखने की हिदायत दे दें. साथ ही पेरेंट्स को भी चाहिए की अपने बच्चों के साथ ही उसके आस पास रहने वाल कुछ खास लोगों का संपर्क अपने पास रख लें.

 

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