AARUSHI को उसके मां-बाप ने नहीं मारा-इलाहाबाद हाईकोर्ट

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तलवार दंपत्ति और इनसेट में आरुषि और हेमराज
तलवार दंपत्ति और इनसेट में आरुषि और हेमराज

अपनी बेटी आरुषि तलवार और नौकर हेमराज के Murder के आरोप में जेल में सजा काट रहे तलवार दंपत्ति राजेश तलवार और नुपूर तलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है. हाईकोर्ट ने कहा है कि Aarushi को उसके मां-बाप ने नहीं मारा है. मामले की जांच में खामियाें को देखते हुए और सबूतों के अभाव में तलवार दंपत्ति को बरी किया गया है. हालांकि इस फैसले के साथ ही देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री और उलझ गई है कि आखिर आरुषि को मारा किसने?




संभावना है कि  जेल की सजा काट रहे आरुषि के माता-पिता को कल रिहा कर दिया जाएगा.  दोनों फिलहाल गाजियाबाद के डासना जेल में सजा काट रहे हैं. 25 नवंबर 2013 को गाजियाबाद की विशेष सीबीआई कोर्ट ने हालात से जुड़े सबूतों के आधार पर उन्हें उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी. तलवार दंपत्ति ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ 2014 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की थी.

क्या हुआ था आरुषि के साथ?   

14 साल की आरुषि तलवार दंपत्ति की इकलौती संतान थी. वो अपने डॉक्टर मां-बाप के साथ नोएडा के जलवायु विहार में रहती थी. 16 मई 2008 की रात उसके ही घर में ही आरुषि की हत्या कर दी गई. एक दिन बाद उसके नौकर हेमराज का शव उसी घर की छत से मिला.




अलग-अलग कयास लगाए जाने लगे, यह मामला कई दिनों तक मीडिया की सुर्खियों में रहा. 5 दिन बाद पुलिस ने आरुषि के राजेश और नुपूर तलवार को गिरफ्तार कर लिया. कहा गया कि राजेश ने आरुषि और अपने नौकर हेमराज को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था इसके बाद दोनों की हत्या कर दी. इस मामले को नोएडा पुलिस ने जिस तरह हैंडल किया इससे उसकी बहुत आलोचना की गई.

घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया.  1 जून को सीबीआई ने यह मामला अपने हाथ में लिया और जांच शुरु कर दी. इस बीच कई और गिरफ्तारियां हुई. 11 जून 2012 को  सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई शुरू हुई. 25 नवंबर को विशेष अदालत ने तलवार दंपत्ति को दोषी करार देते हुए उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई