NORTH EAST महिलाओं की वो सात DRESS, कभी आपने देखी क्या?

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7 Northeast traditional wears
7 Northeast traditional wears

प्रियंवदा सहाय:

दिल्ली के गोल्फ क्लब में पारंपरिक जैनसेम पहनकर गई मेघालयी महिला तलिन लिंगदोह के साथ जो शर्मनाक वाकया हुआ वो महिलाओं और अपनी संस्कृति के प्रति लोगों की रुढ़िवादी सोच को दिखाता है. कुछ लोग लोग आधुनिक और प्रगतिशील कहलाने के लिए अपनी संस्कृति और परंपराओं से मुंह मोड़ लेते हैं. यही वजह है कि महानगरों में लोग उन लोगों को देखकर अजीब सा मुंह बनाते हैं या उनके साथ भेदभाव करते हैं जो अपने पारंपरिक परिधानों में रहते हैं. लेकिन इसे पहनने वाली लोग खुद को गौरवान्वित और अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं. जैसे दक्षिण भारत के लोग अपने परंपरागत लुंगी को पहनते हैं जैसा कि हम कई बड़े नेताओं को भी देख चुके हैं जैसे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम हों या मौजूदा सूचना और प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडु.  इसी तरह महिलाएं भी अपने पारंपरिक ड्रेस को पहनकर गर्व, सहजता और आत्मविश्वास महसूस करती हैं.




पारंपरिक परिधान महिलाओं में न केवल आत्मविश्वास पैदा करताहै बल्कि यह हमारी विरासत से हमें जोड़ने का माध्यम भी है. देश के कई हिस्सों में साड़ी को महिलाओं की पंरपरागत ड्रेस के तौर पर देखा जाता है. इसी तरह नार्थ ईस्ट की महिलाएं आधुनिक ड्रेस के अलावा खूब शौक से अपने पारंपरिक ड्रेस को पहनती हैं. वे घर और बाहर के सारे काम भी इन्हीं कपड़ों में निबटाती हैं क्योंकि ये कपड़े उनकी संस्कृति और परंपरा में रचे-बसे हैं. इससे वे कंफर्टेबल और कांफिडेंट महसूस करती हैं. वे पूरे कांफिडेंस के साथ सार्वजनिक स्थानों और कार्यक्रमों में जाती हैं. फिर चाहे हम बात चैंपियन बॉक्सर और राज्यसभा सांसद मैरीकॉम की करें या अभिनेत्री पत्रलेखा की. सभी अपने पारंपरिक पहनावे को पसंद करती हैं. त्रिपुरा की दीपा करमाकर जिन्होंने रियो ओलंपिक में पहुंचकर भारतीय जिम्नास्टिक्स में एक नया इतिहास रचा उन्हें भी अपना पारंपरिक ड्रेस पहनना बहुत पसंद है.  मणिपुर की खिलाड़ी अनुराधा देवी, सुशीला चानू हो या तीरंदाजी में देश का नाम रोशन करने वाली मणिपुर की बोम्बायला देवी ये सब अपने पारंपरिक परिधानों में गर्व का अनुभव करती हैं.




  North East  की महिलाओं के कुछ ख़ास पारंपरिक ड्रेस

1-मेघालय के पारंपरिक खासी जाति का परिधान  जैनसेम या धारा हैं.

2-नागालैंड की महिलाओं में अंगामी और ‘ली’ काफी लोकप्रिय परिधान है.




3-वहीं मणिपुर और मेघालय के परिधान में ज्यादा अंतर नहीं है केवल रंगों का फर्क होता है. यहां की महिलाएं सिल्क के बने स्कार्फ यानी मुगा और नीचे फानेक पहनती हैं.

4-असम की महिलाएं परंपरागत मेखेला चादोर को पहनना काफी पसंद करती हैं. इसे सभी उम्र की महिलाएं या लड़कियां पहन सकती है. असम में तो सिविल सर्विस दिवस मनाने के लिए इसी साल लोग मुख्यमंत्री के कहने पर कर्मचारी अपने पारंपरिक ड्रेस में आए थे. महिलाएं यदि मेखला चादोर में आई थीं तो पुरुष धोती-कुर्ते में आए थे.

5-वहीं त्रिपुरा की महिलाएं खास रिनाई और रिसा परिधान की वजह से सबसे अलग नज़र आती हैं.

6- मिजोरम में महिलाएं पंरपरागत पुरान को पहनना पसंद करती हैं जो एप्रेन जैसा होता है. इसमें वे खुद को खूबसूरत महसूस करती हैं. वहीं यंग लड़कियों को पुआनची पहनना अच्छा लगता है.

7-अरुणाचल प्रदेश-यहां महिलाएं एप्रेननुमा स्कर्ट के साथ फुल स्लीव जैकेट पहनती हैं.